शनिवार, 16 मई 2020

कोरोना के गीत

कोरोना के भय एने,सतावे ओने गरमी 

 सांसत में जान परल,बुझे ना बेशरमी 

रोंआ-रोंआ,गतरे-गतर ई जराई ,

कइसन महामारी कछु समुझे ना पाईं ।

  अकेले तऽ घरवा में डंसेले दुपहरिया 

   राते-दिने खोबसन लगावेले बयरिया 

कवन-कवन हाल हम कहि के बताईं।---

   कतीनन के काम ई,छोड़वलस बेदरदी

    थाना के सिपाही  घुमत बाड़ऽ कसि के वरदी 

लागत बा कि हाड़-मांस भूखे अंइठाई।- -

     अगिया-बैताल होलऽ,करीं जब बतिया

      निठुरे अनाड़ी होला, मरदा के जतिया

'कोरोना के जोधा' जान तोहरे कारन जाई।- -

      पैदल तू चलि के आवऽ, भेजऽ जनि सनेस हो

      उभ-चुभ करत बा जिया, लागल बा अनेस हो

लागता कि  F.I.R अबकी तोहरे पऽ लिखाई

'ललकी टोपीवाला' हतेयार् तू कसाई ।- -